Friday, 3 January 2014

दिल्ली में राजनीति का नायक

नई दिल्ली। वर्ष 2001 में बनी बॉलीवुड की फिल्म 'नायक' फिल्म आपको याद होगा ही। उसके एक दृश्य में अमरीश पूरी फिल्म के नायक अनिल कपूर से एक साक्षात्कार में कहते हैं कि किसी भी राज्य की सरकार चलाना कोई बच्चों को खेल नहीं हैं। मैं तुम्हे 24 घंटे का समय देता हूं, तुम राज्य में व्याप्त बुराईयों को दूर करके दिखाओ। जब अनिल कपूर दोस्तों से राय के बाद तैयार हो जाते हैं तो अमरीश पूरी कहते हैं कि कर लेने दो इसे एक दिन की राजनीति। इसके बाद ही इसे मालूम चलेगा की किसी नेता की लिए सरकार चलाना कितना कठिन होता है और फैसला लेना भी।
                                                      
जब अनिल कपूर 24 घंटों में ही राज्य की व्यवस्था को सुधार कर राजनीति को नया मोड़ देते हैं तो अमरीश पूरी को अपने फैसले पर पछतावा होता है। दिल्ली की वर्तमान हालत फिल्म नायक की राजनीति की तरह ही है जहां नायक अरविंद केजरीवाल हैं ओर खलनायक कांग्रेस और भाजपा दोनों हैं। ए‍क तरफ जहां फिल्म में नायक खलनायक के विधायकों के समर्थन से सरकार बनाता है तो वर्तमान दिल्ली विधानसभा में आप पार्टी कांग्रेस के 8 विधायकों के सहयोग से सरकार बनाने जा रही है।

फिल्म की तरह ही वर्तमान सरकार में खलनायक की भूमिका निभा रहे कांग्रेस और भाजपा ने आप पर आरोपों की झडी लगा दी है। फिल्म में जहां नायक को सरकार बनाने के लिए केवल 24 घंटे मिले थे तो दिल्ली के आज के खलनायकों ने नायक को पांच साल दिएं हैं सरकार बनाने के लिए और राज्य की व्यवस्था को सुधारने के लिए। कांग्रेस तो चुनाव के बाद आप को बिना शर्त समर्थन देने के लिए उप राज्यपाल के पास चिठ्ठी लिखी और आज जब आप पार्टी सरकार बनाने जा रही है तो पार्टी के कुछ नेता कह रहे हैं कि हमने केवल वादों के आधार पर आप को समर्थन दिया है।

कांग्रेस का कहना है कि अगर आप अपने सभी वादों को पूरा नहीं करती है तो वो सरकार से समर्थन वापस ले लेगी, वहीं दुसरी तरफ कुछ कांग्रेसी आप को समर्थन देने के लिए पार्टी का विरोध कर रहे है। पार्टी का कहना है कि अगर आप जनता से किए गए वादों को तय समय सीमा में पूरा नहीं करते हैं तो कांग्रेस बेझिझक उनसे समर्थन वापस ले लेगी।

वहीं आप के दूसरे खलनायक भाजपा ने आप पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब केजरीवाल अपने बच्चों की कसम खाने वाले वादों को तोड़ सकते हैं तो सरकार बनाने के बाद वो दिल्ली की जनता को भी भूल सकते हैं। फिल्म नायक के साक्षात्कार वाली दृश्य में अनिल कपूर ने कहा था कि उन्होंने कभी सोंचा है कि वो राजनीति में आएंगे। अरविंद की आप पार्टी भी केवल एक साल ही पूरानी है।

दिल्ली के वर्तमान खलनायकों को समझना चाहिए की जब जनता और आपने उन्हें सरकार चलाने के लिए एक मौका दिया है तो चुपचाप पांच सालों तक उनके द्वारा किए जा रहे कार्यो का समीक्षा करें और जब वे अपने वादों को पूरा नहीं करते हैं तब आप चुनाव में उनको सबक सिखाएं। आप किसी भी व्यक्ित से अचानक उम्मीद नहीं कर सकते की वो देश की सभी जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरे उतर सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि केजरीवाल पहली बार सरकार बनाने जा रहे हैं। अगर वो पूरी तरह से सरकार बनाने में सफल रहते हैं तो दिल्ली और केंद्र से भाजपा, कांग्रेस और अन्य भष्ट्राचारी पार्टी का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। इसके लिए आप को पूरे पांच सालों तक अपनी छवी को दाग साफ रखना पडेगा, जैसा की फिल्म में दिखाया गया है।

फिल्म के अन्य दृश्यों के अनुसार आप सरकार पर भी उनके खलनायक हर समय उन्हें गलत रास्तों पर लाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाएंगे, मगर आप और केजरीवाल को अपनी दृढ़ता से उनका सामना कर अपने आर्दशों पर ही बने रहना होगा, वरना जनता व खलनायक उनका वहीं हाल करेगी जो एक नायक खलनायक का करता है।


  दिल्ली में आप की बनने वाली सरकार का। आप को सबक सीखाने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही  पूरी तरह से तैयार हैं कि किसी राज्य की सरकार चलाना आसान नहीं है।